साल 1947 में भारत से पाकिस्तान जाने के लिए कितना पैसा खर्च करना पड़ता था, यहां देखें उस समय का बिल

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दुनिया भर में सामाजिक-आर्थिक विकास में प्रमुख ऐतिहासिक बदलावों के साथ उतार-चढ़ाव आया है। कुछ लोग इन परिवर्तनों और अनुभवों को स्मृति चिन्ह के रूप में संजोते हैं। पहले की तुलना में महंगाई बढ़ चुकी है। स्कूलों की फीस, खाद्य पदार्थों के दाम, बस, ऑटो टैक्सी औऱ यहां तक कि रेलवे के किराये में भी वृद्धि हो गयी है। किसी दूर जगह जाना हो तो किराया भी उतना ही ज्यादा लगता है। हालांकि, सइन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर काफी ज्यादा वायरल हो रही है, जिसे देख हर कोई हैरान है।

Railway Ticket From Pakistan To India

आज के समय भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत ज्यादा तनाव चल रहा है, जिस वजह से कोई भी इंडियन पाकिस्तान जाना पसंद नहीं करता है। लेकिन कुछ लोगों के मन में एक सवाल उठता होगा कि साल 1947 में जब भारत आजाद हुआ था तब पाकितान का जन्म हुआ था। तो उस समय भारत से पाकिस्तान जाने के लिए कितना पैसा खर्च करना पड़ता था, तो चलिए अब हम इसके बारे में जानते हैं।

सिर्फ इतने रुपये में 9 लोगों ने की पाकिस्तान से भारत की यात्रा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ये तस्वीर आजादी के समय पाकिस्तान से भारत आने का एक पुराने टिकट की है, जिस पर लिखा किराया देख लोग दंग रह गये, तो वहीं कई लोगों को पहले जमाने की याद आ गयी। दरअसल, ये टिकट साल 1947 का है। नौ लोगों के लिए रावलपिंडी और अमृतसर के बीच का ये टिकट केवल 36 रुपये और 9 आने का था।

इस टिकट की तस्वीर “पाक रेल लवर्स” नामक एक फेसबुक पेज पर पोस्ट की गई थी। पोस्ट में कहा गया है, “स्वतंत्रता के बाद 17-09-1947 को जारी किए गए ट्रेन टिकट की तस्वीर, 9 लोगों के लिए, रावलपिंडी से अमृतसर तक की यात्रा के लिए, जिसकी कीमत 36 रुपये और 9 आना है। शायद एक परिवार भारत आ गया।

इस तस्वीर ने सोशल मीडिया पर कई लोगों का ध्यान खींचा है। कई लोगों ने इसे अतीत के अवशेषों के रूप में देखा और पोस्ट को अपनी राय और सवालों से भर दिया।

एक शख्स ने कहा, ‘बहुत अच्छा कलेक्शन है अब एंटीक हो गया है।’ एक अन्य ने कहा, “यह कागज का टुकड़ा नहीं है। कृपया इसे लेमिनेट करवा लें। यह बिल्कुल सोने जैसा है। वहीं, कुछ लोगों ने राय रखी कि उस समय के लिये “36 रुपये और 9 आना भी काफी बड़ी रकम थी। हालांकि, लोगों का कहना भी सही हैं, क्योंकि उस वक्त 100 रूपये भी हजार रूपये से कम नहीं लगते थे।

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