जब घर के पितर हो जाते हैं नाराज तब दिखने लगते हैं ये 6 संकेत, हर काम में आती है बाधाएं, जानिए इससे छुटकारा पाने का तरीका

पित्र दोष उस परिवार पर तब लगता है जब कोई परिवार अपने पितर का अनादर, अपेक्षा या नाराज करते हैं तो उस परिवार पर पित्र दोष लगता है या पितर नाराज हो जाते हैं। आज हम इस आर्टिकल के जरिए पित्र दोष या पितर नाराज होने के कुछ संकेत बताने वाले हैं जिससे आपको पता चलेगा कि आपके परिवार पर पित्र दोष है या नहीं।

pitra dosh ke sanket

पित्र दोष का निवारण भौमवती अमावस्या के दिन किया जाता है। इस साल 21 मार्च को पहली भौमवती अमावस्या है। आपके घर में पित्र दोष है या नहीं, इसके बारे में मालूम करने के लिए यह लेख आगे पढ़िए, क्योंकि इसकी जानकरी आगे दी गई है।

पितर के नाराज होने का संकेत –

  1. संतान प्राप्ति या वंश वृद्धि का सुख पितर नाराज होने या पित्र दोष के कारण नहीं मिलता।
  2. अगर आपके घर पितृदोष है या आपके पितर आपसे नाराज हैं तो आपके घर में वाद विवाद घर के सदस्यों के बीच बढ़ता ही रहता है और आपका जीवन कलह से परेशान हो जाता है, आपके घर में सुख शांति नहीं रहती।
  3. पित्र दोष के कारण घर का एक-एक सदस्य बारी-बारी से बीमार पड़ता रहता है इसका निवारण सिर्फ पितर की शांति से हो सकता है।
  4. पित्र दोष के कारण आपका कोई भी काम नहीं बनता हर काम में अड़चन आती रहती है तो समझ जाइए कि आपके घर पर पित्र दोष है।
  5. कभी-कभी घर में मांगलिक कार्य या विवाह की समस्या भी पित्र दोष के कारण ही होती है। इसके अलावा आपके सामने अनेक प्रकार की समस्याएं आती रहती हैं जिसका कारण पित्र दोष होता है।
  6. आर्थिक स्थिति के साथ-साथ बिजनेस मे भी उन्नति नहीं हो पाता है तो यह समस्या पित्र दोष के कारण ही होता है।

पित्र दोष से निवारण –

पितरों को प्रसन्न करने का दिन भौमवती अमावस्या का दिन माना गया है 21 मार्च दिन मंगलवार को इस साल की पहली भौमवती अमावस्या है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद लोग पूजा पाठ करते हैं जिससे उन्हें पुण्य की प्राप्ति होती है तथा सभी पाप नष्ट होते हैं।

पितरों के प्रसन्न होने से घर में उन्नति, सुख, समृद्धि दिन हमेशा बनी रहती है और अगर आप अपने पितरों का अनादर करेंगे तो आपके परिवार पर पित्र दोष लगता है जिससे आपके जीवन में अनेक प्रकार की समस्याएं आने लगती हैं। इन समस्याओं का समाधान हम भौमवती अमावस्या के दिन करते हैं। इस दिन कुछ आसान उपाय करने से आपके पितर प्रसन्न होते हैं जो इस प्रकार हैं –

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र के अनुसार-

12 बजकर 42 मिनट, सुबह से दोपहर भौमवती अमावस्या के दिन सुबह स्नान करके आप अपने पितरों को पिंडदान और तर्पण करें जिससे आपके परिवार पर लगा पित्र दोष दूर होगा। भौमवती अमावस्या के दिन 12 बजकर 42 मिनट और इसके बाद शुक्ल योग बनेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग शाम 5:25 पर लगेगा और अगले दिन सुबह तक है।

Leave a Comment

error: Alert: Content selection is disabled!!