नेशनल सिक्योरिटी एक्ट क्या है? जो अमृतपाल सिंह पर लगाया गया है? जानिए विस्तार से

अमृतपाल सिंह एक खालिस्तानी समर्थक है जिसकी तलाश में लगातार पंजाब पुलिस जुटी हुई है। बीते मंगलवार वारिस पंजाब डे के मुखिया और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ हाईकोर्ट ने सख्त नेशनल सिक्योरिटी एक्ट लागू कर दिया है। हालांकि वो अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है परंतु सरकार का कहना है कि वो देश की सुरक्षा के लिए खतरा है।

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इतना कुछ होने के बावजूद भी अमृतपाल सिंह हथियार लेकर पुलिस के बीच से फरार हो गए। सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि उनकी तरफ से इस पर काबू करने की कोशिश कर रही है। इस वजह से उनके खिलाफ अराष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया है तो चलिए जानते हैं क्या होता है नेशनल सिक्योरिटी एक्ट?

नेशनल सिक्योरिटी एक्ट क्या है?

देश में रहते हुए अगर कोई व्यक्ति देश के लिए खतरा बन जाता है या जब यह सामने आता है कि वह खतरा बनने वाला है तो ऐसे व्यक्तियों पर राशि सुरक्षा अधिनियम 1980 के तहत नेशनल सिक्योरिटी एक्ट लगा दिया जाता है। इसका सीधा और सरल अर्थ यह है कि कोई भी कानून जो राज्य या सेंट्रल अथॉरिटी का हो वह उस व्यक्ति को आसानी से हिरासत में ले सकता है।

कोई भी कानून बाध्य नहीं होगा कि यह हमारे राज्य का निजी मामला है और एक ही राज्य उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर पाएगा। यह एक्ट लागू करने के बाद किसी भी राज्य में जाने पर देश के हित को खतरे में डालने वाले व्यक्ति को कोई भी राज्य की पुलिस गिरफ्तार कर सकती है।

इस एक्ट के तहत जो भी व्यक्ति अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों के लिए खतरा बनने लगता है उसे तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है। दरअसल यह एक्ट सरकार की तरफ से विदेशियों के लिए बनाया गया था। इस कानून के तहत सरकार को यह भी अनुमति देता है कि यदि कोई विदेशी देश में आकर अनियंत्रित स्थिति पैदा करता है तो उसे भारत से डिपोर्ट किया जा सकता है।

इस एक्ट के तहत 12 महीने की प्रीवेंटिव हिरासत की अवधि भी कानून को मिलती है जिसके द्वारा सरकार किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के खिलाफ सबूत हासिल करने के दौरान उसे बंदी बनाकर नहीं रख सकते परंतु उसके खिलाफ सबूत हासिल करने की अवधि को बढ़ाया जाता है।

हिरासत में लिया गया व्यक्ति यदि चाहे तो हाईकोर्ट के सलाहकार पैनल में जाकर अपनी अपील दायर कर सकता है परंतु उसे मुकदमे के दौरान अपना वकील मौजूद रखने की अनुमति नहीं दी जाती। नेशनल सिक्योरिटी एक्ट 1980 में देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंदिरा गांधी जब प्रधानमंत्री के रूप में मौजूद थी तब बनाया गया था।

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