भारत की ये 10 ट्रेनें सबसे अधिक गंदी है, भूलकर भी इससे कभी यात्रा मत करना, वरना बहुत पछताओगे

हमारे देश भारत में एशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। 31 मार्च 2022 तक 68,103 किमी (42,317 मील) की कुल रूट लंबाई के साथ आकार के हिसाब से दुनिया की चौथी सबसे बड़ी राष्ट्रीय रेलवे प्रणाली भारत में है। 52,247 किमी (32,465 मील) या सभी ब्रॉड-गेज मार्गों का 83% विद्युतीकृत है। 1 अप्रैल 2022 तक 25 केवी 50 हर्ट्ज एसी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के साथ। कुल मिला कर रेलवे ने पिछले कई सालों में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखने के लिये कई अहम कदम उठाये।

Most Dirty Trains in India

कई जगहों पर रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण शुरू हो गया है, तो कई विशेष सुविधाओं वाली ट्रेनें भी चालू की गयी हैं। हालांकि, मध्यम और गरीब वर्ग के लोगों के लिये इन महंगी ट्रेनों में सफर करना संभव नहीं है और जो सामान्य ट्रेनें हैं उनमें गंदगी की समस्या जस की तस है।

लोग ट्रेन में सुहाने सफर का अनुभव करना चाहते हैं, लेकिन ट्रेनों की बोगियों और टॉयलेट की गंदगी इसे कुछ और ही बना देती है।
विभिन्न ट्रेनों में फैली गंदगी यात्रियों को लंबे समय से परेशान कर रही है। ट्रेनों की गंदगी को देख कइयों ने तो कुछ ट्रेनों में सफर तक करना बंद कर दिया है, लेकिन जिनके पास इन ट्रेनों के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, वो यात्री भला क्या करे। सोशल मीडिया हैंडल्स और रेल मदद ऐप पर लगातार यात्री इस समस्या की शिकायत करते आ रहे हैं।

इसे मिला भारत की सबसे गंदी ट्रेन का टैग

लोगों की मानें, तो ऐसी कई ट्रेनें हैं, जिनमें गंदगी ने मानो घर बना लिया हो। इनमें से सबसे ज्यादा गंदी ट्रेन का टैग सहरसा-अमृतसर गरीब रथ ट्रेन को दिया गया है। यह ट्रेन पंजाब के अमृसर से बिहार के सहरसा जिले तक चलती है। ट्रेन में यात्रियों की संख्या हर दिन मानो ऐसी होती है, जैसे मधुमक्खी के छत्ते में मधुमक्खियां और गंदगी शहद की तरह।

लोगों ने तो कई बार ट्रेन की बोगियों और टॉयलेट केबिन तक में पसरी गंदगी की त्सीवरें शेयर कर शिकायत की है, लेकिन सफाई का नामो निशान नहीं है। साथ ही इस ट्रेन की गिनती अब सबसे खराब सुविधाओं वाली ट्रेन में होती है। ट्रेन के टॉयलेट में तो क्या और बोगी में चढ़ने से पहले भी दो बार सोचता है।

भारत की दस सबसे गंदी ट्रेनें

इसके अलावा जोगबनी-आनंद विहार सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन 67, श्री माता वैष्णो देवी-बांद्रा स्वराज एक्सप्रेस ट्रेन 64, बांद्रा-श्री माता वैष्णो देवी स्वराज एक्सप्रेस ट्रेन 61 और फिरोजपुर- अगरतला त्रिपुरा सुंदरी एक्सप्रेस ट्रेन 57 का भी यही हाल है। लोग लगातार इन ट्रेनों में पसरी गंदगी की शिकायतें करते आ रहे हैं, लेकिन रेलवे ने मानो लोगों की शिकायतों को नजरअंदाज करने का मन बना लिया है।

स्पेशल ट्रेनों का हाल भी बेहाल

सिर्फ सामान्य ट्रेनें नहीं, बल्कि कुछ स्पेशल ट3नों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। दिल्ली से बिहार जाने वाली आनंद विहार-जोगबनी सीमांचल एक्स्प्रेस ट्रेन 52, अमृतसर क्लोन स्पेशल ट्रेन 50, अजमेर-जम्मू तवी पूजा एक्सप्रेस ट्रेन 40 और नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में भी लोगों द्वारा गंदगी की लागातार शिकायत की जा रही है। रेल मदद ऐप के अनुसार इन ट्रेनों को लेकर एक महीने में कुल 1079 शिकायतें रेलवे को मिली हैं। ट्रेनों में गंदगी के अलावा पानी की अनुपलब्धता, कंबल-चादर की गंदगी और फटी सीटों की शिकायतें शामिल हैं।

10 में से 7 ट्रेनें उत्तरी और पूर्वी भारत को जोड़ने वाली

गंदी ट्रेनों की लिस्ट में शामिल लगभग सारी ट्रेनें पूर्वी भारत की ओर आने-जाने वाले ट्रेनों में शामिल है। 10 में से 7 ट्रेनें उत्तरी और पूर्वी भारत को जोड़ने वाली हैं, जबकि मुंबई से माता वैष्णो देवी कटरा जाने वाली ट्रेनें भी इसमें शामिल है। यहां तक कि राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में भी लोगों ने गंदगी की शिकायतें की है।

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