दुनिया का एकमात्र देश जिसने छापा था 80 लाख करोड़ का नोट, फिर भी ठीक नहीं हुई वहां की स्थिति, खाने के पड़ने लगे थे लाले

हमारे देश भारत में अगर किसी से पूछा जाये कि सबसे महंगा या कीमती नोट कौन सा है? तो सामान्य रूप से सभी 2,000 का नोट ही कहेंगे, क्योंकि इससे बड़ी कीमत का नोट अब तक भारतीय करेंसी में नहीं छपाया गया है, लेकिन अगर आपसे कहा जाये कि इससे कहीं बड़ा नोट हो सकता है वो भी 80 लाख करोड़ का नोट, तो क्या आप विश्वास करेंगे?

80 lakh crore notes

उस देश ने इतनी बड़ी नोट इसलिए छपा था, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। लेकिन शायद उन्हें यह मालूम नहीं था कि सिर्फ पैसे छापने से किसी देश की गरीबी खत्म नहीं की जा सकती है। वहां पर आज भी बहुत ज्यादा गरीबी है, जिस वजह से लोग बहुत परेशान है तो चलिए अब हम उसके बारे में जानते हैं।

जिम्बाब्वे ने छापा था 80 लाख करोड़ का नोट

आपको ये सुन कर हंसी आयेगी या आप इसे बकवास समझ कर इग्नोर कर देंगे। हालांकि, हम आपको बता दें कि 10 लाख करोड़ का नोट होता है और एक बार फिर इसे छपवाने की तैयारी हो रही है, लेकिन भारत में नहीं बल्की दक्षिण अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में। जी, हां आपने बिल्कुल सही पढ़ा है। जिम्बाब्वे में एक वक्त पर 100 ट्रिलियन डॉलर, जिसकी कीमत भारतीय मुद्रा में 80 लाख करोड़ है, का नोट छपा था और एक बार फिर जिम्बाब्वे इस नोट को छपवाने की तैयारी में है।

देश में बिगड़ रहे हैं आर्थिक हालात

दरअसल श्रीलंका, पाकिस्तान, तुर्की और अर्जेंटीना समेत जिम्बाब्वे भी उन देशों की सूचि में शामिल है, जहां इन दिनों आर्थिक हालात बद से बद्तर होते जा रहे हैं। इन देशों में महंगाई और खाद्य संकट बढ़ता जा रहा है। गरीब लोगों को दो वक्त की रोटी तक नसीब नहीं हो रही है।

2008 में भी आया था भूखमरी और गरीबी का सैलाब

हालांकि, जिम्बाब्वे साल 2008 के आस-पास भी ऐसे हालातों का सामना कर चुका है। साल 2008 में हालात इतने ज्यादा बिगड़ गये थे कि जिम्बाब्वे का विदेशी मुद्रा भंडार ही खत्म हो गया था। देश की करेंसी की वैल्यू रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई थी। देश में लोग महंगाई के चलते अपने बच्चों का पेट तक नहीं भर पा रहे थे।

हालातों को देखते हुए जिम्बाब्वे के केंद्रीय बैंक ने ट्रिलियन यूनिट की करेंसी लाने का फैसला लिया। इसके बाद वहां 100 ट्रिलियन डॉलर का नोट छपवाया गया। हालांकि, इन सबके बाद एक बार फिर जिम्बाब्वे में खाने के लाले पड़ चुके हैं। गरीब लोग भूख से मरने पर मजबूर हो गये हैं। अति-मुद्रास्फीति से जूझ रहा देश का केंद्रीय बैंक अब Z$10tn, Z$20tn और Z$50tn नोट छपवाने की योजना बना रहा है।

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