Success Story: पूरे भारत में फेमस हुई सुधा अचार वाली, एक साल में बेच चुकी 15 लाख का आचार, आत्मनिर्भरता की बनी मिशाल

WhatsApp Group (Join Now) Join Now
Telegram Group (Join Now) Join Now

आज की महिलाएं पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर नहीं बल्कि उनसे एक कदम आगे ही चलती हैं। एक वक्ता था, जब महिलाएं चूल्हे-चौंके और घर तक ही अपनी दुनिया को सीमित रखती थी, लेकिन आज की महिलाएं दुनिया भर की जानकारी रखती हैं। जब बात आती है रोजगार कमाने की तो पढ़ी-लिखी महिलाओं के अलावा आज के वक्त में कम पढ़ी-लिखी औरतें भी कम नहीं हैं।

sudha achar wali

अपनी कला और खुद को जो कुछ भी आता है, उसी के माध्यम से महिलाएं अपना गुजारा करना अब सीख गयी हैं। भारतीय संस्कृति में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जिन्हें बनाना सभी के बस की बात नहीं है। इनमें पापड़, मंगोड़ी और आचार शामिल हैं। घरों में अक्सर दादी-नादी के पर्यवेक्षण में ही ये चीजें बनती हैं। ज्यादातर गांवों की महिलाओं को ये आचार पापड़ आदि बनाने में महारत हासिल होती है और वे अपने घर में ये चीजें बनाती हैं।

साल भर में बेचा 15 लाख का आचार

हालांकि, कुछ इंटेलीजेंट महिलाएं अपने इस हुनर को अपने रोजगार का माध्यम बना लेती हैं और ऐसा ही किया प्रयागराज की एक गृहिणी सुधा ने। आपको जान कर हैरानी होगी कि प्रयागराज के शिवकुटी की निवासी सुधा ने एक साल के भीतर 15 लाख रुपए का आचार देश के विभिन्न इलाकों में बेच दिया है।

सुधा कई रकम के आचार बनाती है, जिनका स्वाद गजब का होता है। खैर सुधा के आचार के स्वाद का अंदाजा तो आपने उसके एक साल में 15 लाख कमाने से ही लगा लिया होगा। सुधा पिछले एक साल से ये काम कर रही हैं। साल भर में सुधा ने देश के कोने-कोने में अपने ग्राहक बना लिये हैं औऱ वे राज्य के बाहर भी आचार भेजती हैं। और तो और सुधा ये आचार अपने घर पर ही बनाती हैं, ना कि किसी मशीन का प्रयोग कर।

सिर्फ 50 हजार से शुरू किया बिजनेस

सुधा को आचार का बिजनेस शुरू करने का विचार कोरोना काल के दौरान आया, जब पूरा देश घर में बैठने को मजबूर था। ये ऐसा वक्त था, जब लोगों को रूपयों की अहमियत का पता चला। सुधा बताती हैं कि उन्होंने अपने पति से आचार का बिजनेस शुरू करने के बारे में बातचीत की, जिस पर उसके पति ने उसका साथ दिया।

सुधा ने अपना बिजनेस शुरू करने के लिये सिर्फ 50,000 रूपये लगाये। वो आचार बनाने की सारी सामग्रियां लेकर आयी और अपना काम शुरू कर दिया। अब सुधा के साथ 5 और महिलाएं काम करती हैं। जिन लोगों को सुधा का आचार मंगवाना होता है, वे सुधा के नंबर पर फोन कर ओर्डर दे देते हैं।

Leave a Comment

error: Alert: Content selection is disabled!!