Parenting Mistakes: माता-पिता भूलकर भी बच्चे के सामने न करें ये काम, वरना उसे बिगड़ने में नहीं लगेगी देर

Parenting Mistakes: अक्सर ऐसा होता है की माता-पिता इस बात को मानने से इनकार करते हैं कि बच्चों के बुरे व्यवहार के पीछे उनका हाथ है।  अक्सर पेरेंट्स अपनी परवरिश में कई ऐसी गलतियां कर देते हैं जिसका बुरा प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। कई बार बच्चे बिगड़ भी जाते हैं।

Parenting Mistakes

आज हम आपके पैरेंट्स की कुछ उन्ही गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे माता-पिता एक्सेप्ट तो नहीं करते लेकिन बच्चों के बिगड़े व्यवहार के पीछे अक्सर इन्हीं गलतियों का हाथ होता है:

1. बच्चों के लिए ओवर प्रोटेक्टिव होना

अक्सर पेरेंट्स अपने बच्चों को लेकर ओवर प्रोटेक्टिव होते हैं, उनकी ये आदत बच्चों को बिगाड़ सकती है। बच्चों के विकास पर इसका असर सीधे तौर पर पड़ता है। बच्चे बहुत लंबे समय तक ये समझ नहीं पाते कि उन्हें बिना माता-पिता की मदद के किसी काम को कैसे करना है।  ऐसे बच्चों में आत्मविश्वास की भी कमी आ जाती है, इसलिए बच्चों का प्रोटेक्शन तो करें लेकिन ओवर प्रोटेक्टिव ना हो। उनके अंदर खुद से चीजों को लेकर सोचने समझने की क्षमता विकसित होने दें। 

2. बच्चों के बुरे व्यवहार को इग्नोर करना

कई बार माता-पिता देखते हैं कि बच्चा दूसरे व्यक्तियों से बुरा व्यवहार कर रहा है, लेकिन उन्हें लगता है समय के साथ सब सही हो जाएगा और वो अपने बच्चों की गलतियों को सुधारने के लिए नहीं कहते और ना ही सॉरी मांगने के लिए कहते हैं।  वक्त रहते अगर उनकी गलतियों के बारे में न समझाया जाए तो आपका बच्चा बिगड़ सकता है। 

3. बच्चों को बच्चों की तरह रखें बॉस न बनने दे

हर व्यक्ति के बच्चे उनके लिए बहुत इंपॉर्टेंट होते हैं।  हर व्यक्ति चाहता है कि अपने बच्चों को राजकुमार या राजकुमारी की तरह पाले, लेकिन हर बात पर बच्चों की मर्जी चलने देना गलत है। पेरेंट्स को उन्हे सही गलत के बारे में भी बताना चाहिए। अगर आप बच्चों को सही गलत के बारे में नहीं बताएंगे और उनकी हर बात मानेंगे तो वो जिद्दी, गुस्सैल और अपने बात मनवाने का आदी हो जाएगा और आगे चलकर यही आदतें बच्चों को बिगाड़ देती हैं। 

4. हमेशा जीत की लत डालना और हार से बचाना

कहते हैं जब तक बच्चा गिरता नहीं तब तक चलना सिखाती नहीं और बच्चे के जीवन में बहुत से मामलों में ये बात सच होती है। बच्चों को हार ना देखनी पड़े इसलिए माता-पिता हर मुमकिन कोशिश करते हैं, लेकिन बिना हार बच्चों को जीत की कद्र नहीं समझ में आएगी। ये बात माता-पिता को समझनी चाहिए। जीवन का कोई भी पड़ाव हो बच्चों को हार का  स्वाद चखने दें क्योंकि अगर ऐसा नहीं होगा तो जब बच्चा पहली बार हारेगा तो उसके लिए ये एक्सेप्ट करना बहुत मुश्किल हो जाएगा और ऐसी स्थिति में वो गलत कदम भी उठा सकता है। 

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