NPS का लाभ लेने वालों को लगा बड़ा झटका, सरकार ने इसके नियम में किया बदलाव, जानिए इसका नया रूल

New NPS Rule: भारत सरकार ने बुढ़ापे के लिए कई ऐसी स्कीम निकाली है जिससे 60 के बाद जीवन काफी अच्छा गुजर सकता है। अलग-अलग स्कीमों के जरिए लोगों को फायदा मिल रहा है लेकिन यहां आपको एनएसपी रूल बताने जा रहे हैं और इसके हिसाब से आपको अपने एनएसपी में बदलाव कर लेने चाहिए। एनएसपी के फायदे भी हर आम आदमी को जानने चाहिए क्योंकि बुढ़ापे को सुखद हर कोई बनाना चाहता है।

New NPS Rule

रिटायरमेंट के बाद जब पेंशन का समय आता है तो उसका एक सोर्स इंसान को अपने युवा समय में ही बना लेने चाहिए। इस समय पेंशन का फायदा उठाने के लिए कई स्कीम हैं जिनमें से एक एनपीएस है जिसमें निवेश करने से मैच्योरिटी पर अच्छा खासा पेंशन मिलता है। चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

नई एनएसपी रूल में क्या हुए बदलाव? (New NPS Rule)

अगर आप भी निवेश में करने का मन बना चुके हैं तो आपके पास एनपीएस अकाउंट होना चाहिए। उससे जुड़ी तमाम जानकारी भी होनी चाहिए। पीएफआरडीए एनपीएस को रेग्युलेट करने में मदद करती है। इनको प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस के चार्ज स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया है। प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस चार्ज से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए हैं जिसको लेकर पीएफआरडीए ने सर्कुलर को एक्टिव रखा गया है।

NSP अकाउंट अच्छे से चले इसकी जिम्मेदारी पीओपी की होती है। पीओपी को पीएफआरडीए अप्वाइंट करता है। पीओपी एक तरह का नेटवर्क होता है जिसके जरिए ग्राहकों को एनपीएस एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। पीओपी अपनी इस सर्विस की फीस चार्ज करता है। पीओपी के चार्ज की कोई लिमिट नहीं है, इसका चार्ज मिनिमम और मैक्जिमम तय की गई है।

इनवेस्टमेंट पहली बार एनपीएस में रजिस्ट्रेशन करना होता है जिसे 200 से 400 रुपये तक का पीओपी देना होता है। इसमें इनवेस्टर्स को 0.50 प्रतिशत का योगदान देना होता है। ये चार्ज 25 हजार से 30 हजार रुपये के बीच होता है। एनपीएस स्कीम टैक्स सेविंग स्कीम होती है जिसमें 60 साल की उम्र के बाद निवेशकों को अच्छी रकम पेंशन के तौर पर मिलती है। इस स्कीम का लाभ लेने के लिए आपको अपने नजदीकी बैंक से संपर्क करना चाहिए।

WhatsApp चैनल ज्वाइन करें