Heart Attack: क्या आपको भी बार-बार इस तरह आता है पसीना? तो हो जाएं सावधान, वरना आ सकता है हार्ट अटैक

Heart Attack: आज-कल लोगों में खराब लाइफस्टाइल और खान-पान दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही हैं। खासतौर पर कोरोना महामारी के बाद लोगों को अब समझ में आ रहा है कि सेहतमंद लाइफस्टाइल कितनी जरूरी है।

Heart Attack

आंकड़ों के मुताबिक कोरोना के बाद हार्ट अटैक के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले 50 साल के बाद या बूढ़े बुजुर्ग को हार्ट अटैक आते थे लेकिन अब हार्ट अटैक से जीवन गंवाने वाले लोगों की संख्या बच्चों व युवाओं में भी बढ़ती जा रही है और इसके आंकड़े दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। आज के आलेख में हम आपको हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण व कारणों से संबंधित जानकारी से अवगत कराएंगे।

क्या है हार्ट अटैक के लक्षण?

हार्ट अटैक आने से पहले हमें कई प्रकार के लक्षण दिखाई दे सकते हैं जैसे सीने में दर्द होना, घबराहट, तेज पसीना आना आदि। गर्मियों में पसीना आना एक आम बात होती है लेकिन तेजी से पसीना आना और उसके बाद असामान्य महसूस करना हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षणों में से एक हो सकता है।

जानिए, क्यों आता है हार्ट अटैक से पहले पसीना

रिसर्च के मुताबिक जब हमारे दिल तक सही से खून नहीं पहुंच पाता है तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है जिसके कारण कोरोनरी यानी ब्लड सर्कुलेशन में बहुत परेशानी होती है और लोगों को तेजी से पसीना आने लगता है। कोरोनरी में जब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है तो उसे हार्ट में ब्लॉकेज होने लगता है और दिल में खून की कमी हो जाती है।

दरअसल हमारा ह्रदय खून को पंप करने का काम करता है और जब यह ठीक से खून पंप नहीं कर पाता है तो उस पर दबाव बढ़ने लगता है, ऐसी स्थिति में शरीर सामान्य होने की कोशिश करता है जिसकी वजह से पसीना निकलने लगता है और यही तेजी से पसीना आना बनता है हार्ट अटैक का कारण।

हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण

  • सीने में दर्द और घबराहट होना
  • सीने में तेज जलन और एसिडिटी
  • तेजी से पसीना आना
  • थकान और चक्कर आना
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • हार्ट बीट तेज या कम होना
  • हाथ या कंधे में तेज दर्द होना
  • दांत या जबड़े में दर्द

इस वजह से होता है हार्ट अटैक

हार्ट अटैक के कई कारण हो सकते हैं जैसे बहुत ज्यादा स्ट्रेस के कारण तनाव, खराब लाइफस्टाइल व खान पान, शराब पीना इत्यादि। जिन लोगों को शराब पीने की आदत होती है उन्हें हार्ट अटैक का खतरा काफी ज्यादा होता है। इसका असर सीधा हमारे ब्रेन पर पड़ता है।

किसी व्यक्ति में हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है जिसके कारण आर्टरी में ब्लॉकेज की स्थिति उत्पन्न होती है।

जिन लोगों को डायबिटीज किडनी या लिवर से जुड़ी बीमारियां होती है, उन्हें हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है।

प्रदूषण भी हार्ट अटैक का एक कारण बन सकता है जिसके कारण सांस से जुड़ी बीमारियां, फेफड़े और हार्ट पर असर पड़ता है। वजन बढ़ने के कारण भी हार्ट अटैक हो सकता है। जिन लोगों का वजन अत्यधिक बढ़ा हुआ है उन्हें हार्ट अटैक हो सकता है।

WhatsApp चैनल ज्वाइन करें