कई बीमारियों को जड़ से खत्म कर देता है ये चमत्कारी पौधा, कुछ ही दिनों में रोगी हो जाता है तंदुरुस्त, जानिए उस पौधे का नाम

ये पृथ्वी हरियाली का खजाना है। यहां कई तरह के पेड़ पौधे मौजूद हैं, जिनके अपने-अपने फायदे हैं। इनमें से कई पौधे आययुर्वेदिक होते हैं, जिनका उपयोग खतरनाक बीमारियों के उपचार में भी किया जाता है। हालांकि, ऐसे आयुर्वेदिक पौधों में से कइयों के बारे में कम ही लोग जानते हैं। भारत में काफी पहले से ही आयुर्वेद के माध्यम से लोगों की चिकित्सा की जा रही है। कई मामलों में तो ये भी देखा जाता है कि चिकित्सकों की दवाओं से जिनकी बीमारियां ठीक नहीं हुई, उन्हें आयुर्वेद ने नया जीवन दे दिया। कुल मिला कर ये आयुर्वेदिक पेड़-पौधे कई गुणों को अपने भीतर समाये होते हैं।

Green Chiretta

आज के हमारे इस लेख में हम आपको ऐसे ही एक आयुर्वेदिक पौधे और उसके गुणों के बारे में बताने वाले हैं। ये पौधा है कालमेघ का, जिसे अंग्रेजी में Green Chiretta कहा जाता है। कालमेघ सामान्य बुखार का इलाज करने और प्रतिरक्षा में सुधार करने के अलावा पेट की गैस, कीड़े, कब्ज, लिवर से संबंधित समस्याओं का इलाज करता है।

औषधीय गुणों का भंडार है कालमेघ

ये आयुर्वेदिक पौधा उत्तर भारत सहित बंगाल में पाया जाता है। स्वाद की बात करें, तो इसका स्वाद बहुत कड़वा होता है। हालांकि, ये कई खतरनाक बीमारियों को भी जड़ से खत्म कर देता है और इसका उपयोग सदियों से होता आया है। कालमेघ का वैज्ञानिक नाम एंड्रोग्राफिस पैनिकुलता है। कालमेघ में क्षारीय तत्व एंड्रोग्राफोलाइड होता है जो कई रोगों के लिए रामबाण है।

ये है कालमेघ के चमत्कारी फायदे

  • कालमेघ डायबिटीज मरीजों के लिये अमृत है। ये डायबिटीज के इलाज के लिए सबसे फायदेमंद जड़ी बूटियों में से एक है।
  • खून साफ करने और मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए भी कालमेघ का इस्तेमाल किया जाता है।
  • कालमेघ पौधे के थक्कारोधी गुण रक्त के नियमित प्रवाह को बनाए रखने में योगदान करते हैं। साथ ही साथ इससे हार्ट अटैक की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा, कालमेघ का पौधा थक्का बनने से रोकने में भी मददगार होता है।
  • कालमेघ का सेवन करने से आपका इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इसके अलावा ये लीवर के पित्त नियंत्रण में संतुलन बनाए रखता है।
  • साथ ही पुराने बुखार, बार-बार होने वाले बुखार, मलेरिया, टाइफाइड आदि के इलाज में भी कालमेघ मुख्य भूमिका निभाता है।
  • जिन लोगों को रात भर नींद नहीं आती, उनके लिये भी ये पौधा चमत्कारी है। ऐसे लोग कालमेघ के जूस का सेवन कर सकते हैं।
  • कालमेघ का सेवन करने से कब्ज की समस्या भी दूर होती है। इ इसके पाउडर को आंवले और मुलेठी के साथ उबालकर काढ़ा बनाया जा सकता है।

कालमेघ एक आयुर्वेदिक पौधा है जो कई बीमारियों में काम आता है, जिसके बारे में आपने ऊपर पढ़ा भी है। अगर आप भी ऊपर दिए गए किसी बीमारी या समस्या से पीड़ित है तो यह पौधा आपके लिए रामबाण साबित होने वाला है। यदि आप कालमेघ का नियमित इस्तेमाल करते हैं तो आपको इसका लाभ अवश्य मिलेगा।

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