Chanakya Niti: चाणक्य के अनुसार इन 3 तरह के लोग कभी नहीं समझते हैं दूसरों का दर्द, भूलकर भी न दें ऐसे लोगों का साथ

आचार्य चाणक्य अपनी नीति में मनुष्य की जिंदगी से जुड़ी बहुत सारी बातें कही है, जिसका पालन बहुत सारे लोग करते हैं। चाणक्य नीति में सही तरीके से जीवन जीने के कई उपाय बताए गए हैं। अगर आप चाणक्य नीति के अनुसार अपना जीवन देते हैं तो आप अपने जीवन में कभी भी दुखों का सामना नहीं करेंगे।

Chanakya Niti

बता दें कि चाणक्य नीति में जीवन से जुड़ी हर चीज के बारे में बताया गया है, इस वजह से आज के दौरान हर मनुष्य को इसकी जानकारी लेनी चाहिए। आज हम इस लेख के माध्यम से उन लोगों के बारे में बात करने जा रहे हैं जो कभी भी दूसरों का दर्द नहीं समझते हैं और इसके बारे में चाणक्य ने अपनी नीति में भी जिक्र किया है।

चाणक्य नीति के अनुसार तीन तीन लोगों से रहे दूर

हम आपको बता दें कि अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन में चाणक्य नीति का पालन नहीं करता है, वह मनुष्य कभी सफल नहीं हो सकता है। ऐसे व्यक्तियों से हमेशा दूर रहना चाहिए। जो लोग चाणक्य नीति का पालन करते हैं वह अपने जीवन में सम्मान और सफलता पाते हैं। आपको बता दें कि चाणक्य नीति में ऐसे 3 लोगों का जिक्र किया गया है जिनसे हमेशा दूर रहना चाहिए, क्योंकि यह लो कभी किसी का दर्द नहीं समझते हैं। ऐसे लोगों के अंदर हमेशा दूसरों को नुकसान पहुंचाने की मंशा होती है।

1. नशा करने वाले लोग

आचार्य चाणक्य कहते हैं ऐसे लोगों से हमेशा दूर रहना चाहिए जो शराब या किसी नशीली पदार्थ इत्यादि का सेवन करते हैं। क्योंकि इस तरह के लोग पैसों के लिए चोरी, डकैती और मर्डर जैसे कार्य करने से भी नहीं हिचकते हैं। ऐसे लोग हमेशा नशे में डूबे रहते हैं, जिस वजह से उन्हें सिर्फ नशा ही दिखता है। चाणक्य नीति के अनुसार ऐसे लोगों से हमेशा दूरी बनाकर रखना चाहिए।

2. स्वार्थी लोगों से दूर रहें

चाणक्य नीति में यह बताया गया है कि उन लोगों से हमेशा दूर रहना चाहिए जो लोग स्वार्थी होते हैं, क्योंकि स्वार्थी लोग सिर्फ अपना फायदा देखते हैं। ऐसे लोगों को अपने आगे कोई दूसरा व्यक्ति दिखाई नहीं देता है। स्वार्थी मनुष्य अपने फायदे के लिए दूसरों को दुख तक पहुंचा सकते हैं, इसलिए हर व्यक्ति को ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखना चाहिए।

3. नियत के खराब लोग

चाणक्य नीति के अनुसार उन लोगों से हमेशा दूर रहें जिनकी नियत खराब होती है। नियत के खराब लोग किसी का भी दुख-दर्द को नहीं समझते हैं। इन लोगों को दूसरे के दुख, दर्द और परिस्थिति से कोई लेना देना नहीं होता है। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ऐसे लोगों से हमेशा दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं।

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