Chanakya Niti: चाणक्य के अनुसार इन 4 चीजों के बिना पति-पत्नी का रिश्ता नहीं हो सकता मजबूत, फिर हो सकता है तलाक

आचार्य चाणक्य उन विद्वान विचारकों और रणनीतिकारों में से एक हैं, जिनकी बातें आज भी प्रभावी मानी जाती हैं। कहा जाता है कि उनकी नीतियों के कारण नंद वंश का नाश हो गया और एक साधारण बालक राजगद्दी का अधिकारी हो गया। चाणक्य ने राजनीति ही नहीं बल्कि सामाजिक जीवन को लेकर भी अपने नीति ग्रंथ में कई अहम बातों का जिक्र किया है।

Chanakya Niti

चाणक्य नीति में समाज के लगभग हर विषय से जुड़ी बातों का जिक्र किया गया है। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी नीति पुस्तक में व्यक्ति के जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों का जिक्र किया है। उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से बताया है कि कैसे जीवन में सुख-समृद्धि लाई जा सकती है। चाणक्य ने पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए भी कई अहम बातें बतायी हैं, जिनके बारे में हम आज के इस लेख में बात करने वाले हैं।

1. प्यार

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाने में प्यार अहम भूमिका निभाता है। उनके मुताबिक अगर रिश्ते में प्यार की कमी हो जाए तो रिश्ता कमजोर होने लगता है या खत्म होने की कगार पर आ जाता है। प्रेम संबंधों में मधुरता लाता है। चाणक्य कहते हैं कि अगर पति-पत्नी के बीच प्यार भरा हो, तो वे बड़ी से बड़ी मुश्किल परिस्थिति का सामना आसानी से कर सकते हैं।

2. निष्ठा

आजकल देखा गया है कि रिश्तों में जीवन की गाड़ी व्यक्ति की हैसियत के अनुसार चलती है, लेकिन आचार्य चाणक्य का कहना है कि पति-पत्नी के रिश्ते में समर्पण की भावना का होना बेहद जरूरी है। अगर रिश्ते में समर्पण का भाव नहीं होगा, तो उस रिश्ते में मजबूती नहीं आएगी। दरअसल, समर्पण की भावना एक दूसरे की मदद करने के लिए प्रेरित करती है। अगर पति-पत्नी सच्ची श्रद्धा से एक-दूसरे के प्रति समर्पित हों, तो कहा जाता है कि दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें अलग नहीं कर सकती।

3. मान सम्मान

चाणक्य नीति के अनुसार किसी भी रिश्ते में आदर और सम्मान अहम भूमिका निभाते हैं। अगर पति-पत्नी एक-दूसरे का सम्मान नहीं करेंगे तो रिश्ते में हमेशा खटास बनी रहेगी और जल्द ही यह टूटने की कगार पर पहुंच सकता है। एक-दूसरे का सम्मान करने से रिश्ता मजबूत होता है। जीवन साथी को एक दूसरे के काम की सराहना करनी चाहिए।

4. स्वार्थपरता

आचार्य चाणक्य के अनुसार स्वार्थ पति-पत्नी के बीच किसी भी रिश्ते को कमजोर बना सकता है। यदि पति-पत्नी में स्वार्थ की भावना हो तो वे एक साथ कभी सुखी नहीं रह सकते। चाणक्य नीति के अनुसार पति-पत्नी को हमेशा एक-दूसरे के बारे में सोचना चाहिए। इससे ना सिर्फ रिश्ता मजबूत होगा बल्कि पति-पत्नी के बीच प्यार भी बढ़ेगा।

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