क्या कोई व्यक्ति पत्नी और बेटी से पूछे बिना बेटे को अपनी संपत्ति दे सकता है या नहीं? जानिए इस पर कानून की राय

संपत्ति को लेकर कई बार लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठते हैं। कई लोगों को प्रॉपर्टी पर अधिकार से जुड़े नियमों की सारी जानकारी नही होती, जिस वजह से उन्हें धोखे का शिकार होना पड़ता है या अपना हक गंवाना पड़ता है। आज के इस लेख में हम प्रॉपर्टी पर परिवार के सदस्यों के अधिकारों के बारे में कुछ जानकारियां लेकर आये हैं।

Legal Matter

देश के सभी नागरिकों को संपत्ति से संबंधित कानूनों के बारे में जानकारी होनी चाहिए, इस वजह से आज की इस लेख में यह बताने वाले हैं कि अगर कोई व्यक्ति अपनी पत्नी या बेटी से पूछे बिना संपति बेटे को दे सकता है या नहीं। तो चलिए अब हम इसके बारे में विस्तार से सब कुछ जानते हैं।

बिना पत्नी और बेटी से पूछे बेटे को प्रॉपर्टी दे सकता है कोई?

वसीयतकर्ता या दाता की इच्छा के अनुसार किसी की सहमति के बिना किसी भी व्यक्ति को स्व-अर्जित संपत्ति वसीयत या उपहार में दी जा सकती है। हालांकि, मां और बेटियां संबंधित संपत्ति में कानूनी उत्तराधिकारी और इच्छुक पार्टियां होने के नाते, उपहार के उक्त लेन-देन पर विवाद कर सकती हैं। इसके अलावा, मां को अपने पति से रखरखाव का दावा करने का कानूनी अधिकार भी है।

पिता की संपत्ति पर बेटी का कितना अधिकार?

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 के अनुसार, एक बेटी का अपने पिता की स्व-अर्जित संपत्ति में बराबर का अधिकार है। अगर किसी शख्स की मृत्यु उसके वसीयत बनाने से पहले ही हो जाती है, तो उसके बेटे और बेटी को उसकी स्व-अर्जित संपत्ति में बराबर की हिस्सेदारी मिलेगी। हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956, भारत के सभी हिंदुओं पर लागू होता है।

पुश्तैनी संपत्ति का सर्वे नंबर का पता कैसे लगायें?

संबंधित संपत्ति का सर्वे नंबर प्राप्त करने के कई तरीके हैं। कुछ विकल्प इस प्रकार हैं :

  • आप प्रांतीय अधिवक्ता की मदद लेकर खोज की प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं, या;
  • आप नगर पालिका या पंचायत या किसी अन्य संगठन के पास आरटीआई दायर कर सकते हैं, जहां से म्यूटेशन किया गया था या जहां म्यूटेशन आम तौर पर उस विशेष क्षेत्र में होता है।
  • आप डिमांड रजिस्टर की प्रति प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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