शाहजहां ने ताजमहल के अलावा बनवाई थी ये 5 ऐतिहासिक इमारतें, ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम है उसका नाम

हमारे देश भारत में मुगल सल्तनत सहित अंग्रेजी सरकार ने भी कई सालों तक हुकुमत की। इस दौरान भारत में कई ऐसी विरासतें स्थापित हुई, जो आज भी देश की सुंदरता, इतिहास और पर्यटन में चार चांद लगाते हैं। एक ओर, जहां अंग्रेजों ने कई रेलवे स्टेशनों का निर्माण करवाया, तो मुगल सल्तनत के शहंशाओं ने भी कई ऐतिहासित अजूबे भारत में बनवाये। देश के विभिन्न शहरों में मौजूद महल और किले इसी की गवाही देते हैं, जिनमें शामिल है प्रेम का प्रतीक कहलाने वाला आगरा का ताजमहल।

Shahjahan and his Buildings

ताजमहल मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी खास बेगम मुमताज के लिये बनवाया था, जिसके बारे में शायद भारत के बच्चे बच्चे को मालूम है। हालांकि, एकमात्र ताजमहल ही नहीं है, जिसे शाहजहां द्वारा बनवाया गया था। शाहजहांने ताजमहल के अलावा भी कई ऐतिहासिक इमारतोंका निर्माण अपने शासनकाल में करवाया था, जो आज भी भारत सहित विदेशों में भी मशहूर है और यहां हर दिन हजारों की संख्या में लोग घूमने आते हैं।

1. जामा मस्जिद – दिल्ली  

जामा मस्जित को मस्जिद-ए-जहाँ नुमा के रूप में भी जाना जाता है, जिसका निर्माण 1650 से 1656 के बीच मुगल शहंशाह शाहजहां ने करवाया था। 363 साल पुराना ये मस्जिद सबसे बड़े मस्जिदों में से एक है। इसका निर्माण सफेद संगमरमर और लाल बलुआ पत्थर से करवाया गया था। इसमें तीन बड़े दरवाजे, चार मीनारें, दो 131 फीट ऊंची मीनारें और तीन विशाल गुंबद हैं। जामा मस्जिद में एक समय में 25,000 से अधिक लोग एक साथ इकट्ठे हो सकते हैं।  को समायोजित किया जा सकता है।

2. ताजमहल

प्रेम के प्रतीक कहे जाने वाले ताजमहल का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने आगरा में यमुना नदी के तट पर अपनी पसंदीदा बेगम मुमताज़ के लिये करवाया था। ताजमहल पूरी तरह से सफेद संगमरमर से निर्मित है, जिसे बनने में लगभग 22 साल लगे। साल 1983 में यूनेस्को से ताजमहल को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त हुआ।

3. लाल किला – दिल्ली

गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवसके अवसर पर देश के प्रधानमंत्री हर साल लाल किले पर भारतीय ध्वज फहराते हैं।ये लाल किला भी मुगल बादशाह शाहजहा के नेतृत्व में निर्मित है। आज ये इमारत भारत के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थानों में से एक है, जिसे यूनेस्को की तरफ से विश्व धरोहर  का दर्जा प्राप्त है। लाल किले का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से किया गया है।

4. आगरा का किला

ताजमहल देखने जाने वाला व्यक्ति आगरा का किला देखे बगार लौटता नहीं। इसका निर्माण भले ही अकबर ने करवाया हो, लेकिन बाद में इसकी पुनः संरचना मुगल बादशाह शाहजहां ने करवायी। ये दिखने में लाल किले की तरह लाल रंग का है।

5. मोती मस्जिद

मोती मस्जिद आगरा के किले के भीतर ही स्थित है, जिसे शाहजहां ने बनवाया था। इसे पर्ल मस्जिद के नाम से भी जाना जाताहै। मोती मस्जिद को बनवाने के लिए संगमरमर का इस्तेमाल किया गया था, जिसके निर्माण की प्रक्रिया1647 में शुरू की गई थी और वह मस्जिद 1654 में बनाकर तैयार हो गया था। उस जमाने में मोती मस्जिद को बनाने के लिए तीन लाख रुपये लगे थे।

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